गया के गांधी मैदान से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लोगों को विकास के खूब सपने दिखाए. सपने भी दिखाए और बिहार की नीतीश सरकार को जमकर कोसा भी...मोदी ने कहा 25 साल से इन्हीं लोगों ने बिहार पर राज किया है और नतीजा ये कि बिहार दिन पर दिन पिछड़ता चला गया । हालांकि भाषण देते वक्त पीएम मोदी ने इस बात को जानबूझकर भुला दिया कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ कंधा मिलाकर बीजेपी ने भी करीब 8 साल गठबंधन की सरकार चलाई है। मोदी ने कहा कि बिहार अभी भी बीमारू राज्य है और राजस्थान और मध्य प्रदेश की तरह अगर बिहार को भी इस सूची से बाहर लाना है तो यहां भी बीजेपी की सरकार बनवानी होगी।
मोदी के दावे पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पलटवार किया है, दावे को गलत बताते हुए उन्होंने कहा है कि बिहार अब बीमारू राज्य नहीं है, नीतीश ने पूछा कि क्या केंद्र केवल उन्हीं राज्यों को मदद करेगा जहां उनकी पार्टी की सरकार है ।

पीएम मोदी ने कहा दिल्ली से विकास की गंगा लगातार बिहार की तरफ बह रही है लेकिन नीतीश सरकार तो उल्टा लोटा लिए खड़ी है जो इससे कुछ हासिल ही नहीं कर रही है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में जंगलराज- 2 शुरू हो रहा है और जेल से बुरी बुरी चीजें सीख कर लौटे लोगों के जरिए जहर फैलाया जा रहा है ।
मोदी के जेल वाले इस बयान पर लालू यादव और नीतीश कुमार ने
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को लपेट लिया , लालू ने पूछा है कि अमित शाह जेल से क्या सीख कर लौटे थे एक बार उन्हीं से पूछ लें । बीजेपी की आंखों की किरकिरी बन चुके नीतीश और लालू के गठबंधन पर भी पीएम ने निशाना साधा, पीएम ने पूछा जिन लोगों ने अभी जहर पिया है वो बाद में किसपर निकालेंगे । दरअसल बिहार में नीतीश से गठबंधन के बाद लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि उन्होने जहर पिया है, नीतीश के चंदन और भुजंग वाले बयान को लेकर भी मोदी ने तंज कसते हुए पूछा कि कौन चंदन कुमार है और कौन भुजंग प्रसाद मुझे तो पता ही नहीं।
दरअसल बिहार में नीतीश और लालू की दोस्ती बीजेपी के लिए एक नई मुसीबत बन कर खड़ी हो गई है, उसका बिहार में जीत का सपना धुंधलाने सा लगा है लेकिन बीजेपी को अभी भी उम्मीद है कि किसी तरह बिल्ली के भाग से गठबंधन का छींका टूट जाए जिससे बिहार की मलाई एक बार उसे अकेले चट करने का मौका मिल सके, हालांकि लालू और नीतीश की जोड़ी उन्हें ये मौका देगी इसमें थोड़ा संदेह है।
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