
कीशू भाया, कीशू भाया
बिस्किट खाया
दूध पिलाया;
फिर क्यों शोर मचाया ?
कीशू भाया, कीशू भाया
फिर क्यों शोर मचाया
तुमको मैंने खूब घुमाया
लोरी गाकर तुम्हें सुलाया
फिर क्यों शोर मचाया ?
कीशू भाया..कीशू भाया
फिर क्यों शोर मचाया ?
- गौरी
( ये कविता मैंने अपने भाई आदित्य के लिए
बिस्किट खाया
दूध पिलाया;
फिर क्यों शोर मचाया ?
कीशू भाया, कीशू भाया
फिर क्यों शोर मचाया
तुमको मैंने खूब घुमाया
लोरी गाकर तुम्हें सुलाया
फिर क्यों शोर मचाया ?
कीशू भाया..कीशू भाया
फिर क्यों शोर मचाया ?
- गौरी
( ये कविता मैंने अपने भाई आदित्य के लिए
बड़े पापा के साथ मिलकर बनाई, और डैडी से लिखवाई)
3 टिप्पणियां:
Nice poem,Gauri. You are a very talented girl. Keep it up :). Best wishes.
Bua
a aa gauri etani badi ho gayee!!!!!!
aur etani achii poemmmmm!!!!!!!
very good beta, aise hi likhti rahi aur hum logon ka naam raushan karo.god bless.
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